अनुष्ठानों की रात
रात भर मंदिर जागता रहता है — अभिषेक, रुद्र जप और आरती के क्रमिक दौर चलते रहते हैं। वातावरण गहन, भक्तिमय और हृदयस्पर्शी होता है।
पहले से योजना बनाएँ
मंदिर के पास के कमरे हफ्तों पहले ही बुक हो जाते हैं, और लंबी कतारें लगती हैं। अपना ठहराव और पूजा जल्दी बुक करें, और भीड़ के लिए एक-दो घंटे का बफर रखें।
